Poème n°29
|
सितारे चाँद की कश्ती में रात लाते हैं सहर के आने से पहले ही बिक भी जाते हैं |
|
| बहुत ही अच्छा है व्यापार इन दिनों शब का! |
|
सितारे चाँद की कश्ती में रात लाते हैं सहर के आने से पहले ही बिक भी जाते हैं |
|
| बहुत ही अच्छा है व्यापार इन दिनों शब का! |