Dictées commentées

Devanagari

मेरा घर नगर केन्द्र से दो किलोमीटर दूर है। यह नगर का खुशहाल भाग है। यहाँ अन्य घर तो हैं, लेकिन बहुत पास-पास नहीं हैं। इससे वहाँ खुलापन रहता है। मेरे घर के आस-पास बहुत हरियाली है, जो मुझे अच्छी लगती है।
मेरा घर एक मंजिला है। घर के बीच एक बड़ा गिन है। घर के सभी कमरे इस गिन के चारों ओर बने हैं। गिन के कारण सारे घर में ताजी हवा बहती रहती है। यदि घर में गिन न हो, तो बहुत गर्मी हो जाए। मेरे घर के सभी कमरों के फर्श संगमरमर के छोटे टुकड़ों और कंकरीट से बने हैं। ये फर्श भी घर को ठंडा रखने में सहायक होते हैं।
मेरे घर का मुख्य द्वार बैठक के बहुत निकट है। हमारी बैठक बहुत बड़ी है। उसे हमने बड़े रुचिपूर्ण ढंग से सजाया हुआ है। नैनीताल की बड़ी झील का सुन्दर चित्र हमारी बैठक का मुख्य आकर्षण है। जो भी मेहमान हमारे घर आते हैं, वे उस चित्र की सराहना करते हैं।
हमने दूरदर्शन अपनी बैठक में रखा हुआ है। इस कारण बैठक में हम काफी समय बिताते ह।

बैठक के बराबर में हमारा भोज कक्ष है। रसोई और भोज कक्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। गिन के दूसरे सिरे पर स्नान घर है। शौच और स्नान घर जूड़े हुए हैं। रसोई और स्नान घर के बीच के स्थान में अनेक गमले रखे रहते हैं। इन गमलों में अनेक तरह के फूल खिले रहते हैं। शौच स्नानघर से जुड़ा हुआ है।
हमारे घर में तीन शयन कक्ष हैं। इनमें से एक को हम पढ़ने-लिखने के काम लाते हैं। इस कमरे में एक बड़ी अलमारी है जिसमें अनेक पुस्तकें रखी हैं। इस कमरे के बराबर में एक छोटा-सा कक्ष है। यह परिवार का मन्दिर है। वहाँ कुछ क्षण बिता कर ही बड़ी शान्ति मिल जाती है। हमारे घर के बाहर एक छोटी-सी वाटिका ह। इस वाटिका में अनार और आड़ू के कुछ पेड़ हैं। चमेली की एक झाड़ी भी है जिसकी सुगन्ध सारी वाटिका में फैली रहती है।

Première partie

Premier paragraphe

गाय एक पालतू1 पशु है।
यह सफ़ेद2, काले और भूरे रंग की होती3 है।
इसके चार पैर4 और दो सींग होते हैं।
गाय की एक लंबी पूँछ होती है।
गाय घास व5 चारा खाती है।
गाय हमें6 दूध देती है।
इसका दूध स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है।
हमारे देश में हम गाय की पूजा करते हैं।
La vache est un animal domestique.
Elle est de couleur blanche, noire et brune.
Elle a quatre pattes et deux cornes.
La vache a une longue queue.
La vache se nourrit d’herbe fraiche ou de foin.
La vache nous donne du lait.
Son lait est bon pour la santé.
Dans notre pays, la vache est vénérée comme une déesse.
1 Domestique, adjectif invariable
2 Blanc/blanche, adjectif invariable contrairement aux deux autres adjectifs de la phrase
3 La terminaison en i long à la fin du verbe être (होना — honā) au présent (होती — hotī) indique que la vache est un nom féminin en translittéré, comme en français d’ailleurs.
4 पैर — paira (pied), nom masculin, et सींग — sīṁga (corne), nom masculin, sont invariables.
5 Et
6 Forme concurrentielle de हमको — hamako (à nous)

Second paragraphe

दीपावली1 हमारे2 देश का एक प्रमुख3 त्योहार है।
मुझे4 दीपावली का त्योहार बहुत अच्छा लगता है।
इस5 दिन सभी6 जगह उल्लास व उमंग का वातावरण रहता है।
शाम को घरों में मिट्टी के दीये जलाए जाते हैं।
इस अवसर पर घरों में लक्षमी-गणेश की पूजा की जाती है।
रात में रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी छोड़ते हैं।
हम सब मिल-जुलकर7 यह त्योहार मनाते8 हैं।
Dīpāvalī est une fête majeure de notre pays.
J’aime beaucoup la fête de Dīpāvalī.
Ce jour-là, il règne partout une atmosphère de jubilation et de gaieté.
Le soir, on allume des lampes à huile en argile dans les maisons.
À cette occasion, on adresse des prières à la déesse Lakshmi et au dieu Ganesha dans les maisons.
La nuit, on tire des pétards et des feux de Bengale colorés.
Nous célébrons cette fête tous ensemble.
1 Mot composé dīpa-valī (lampe à huile-guirlande) désignant les rangées de lampes qui servent à décorer les maisons lors de la fête annuelle de Dīpāvalī au mois d’octobre-novembre
2 Forme oblique de हमारा — hamārā en présence de la postposition का —  (possessif) ici. Rappel : la forme oblique d’un nom est obligatoire en présence d’une postposition.
3 प्रमुख — pra-mukha, au visage proéminent
4 Forme oblique de मैं — maiṁ (je) en présence de la postposition का —  (possessif) ici
5 Forme oblique de यह — yaha (ce) en présence de la postposition implicite ko ici. Entre autres fonctions, le ko marque le complément d’objet direct dans la phrase. Le ko est facultatif dans l’expression दिन — dina.
6 Contraction de सभी — sabhī, saba-hī, tout-en effet
7 मिल-जुलकर — mila-julakara, manière de parler. Afin d’éviter la répétition sonore, le kar du premier verbe mila est implicite.
8 त्योयार मनाना — tyoyāra manānā, célébrer une fête
Akbar et Birbal : 3 en 1

Deuxième partie

Anecdote : Akbar et Birbal

Cette anecdote est extraite de अकबर-बीरबल की नोकझोंक, हँसते-गुदगुदाते किस्सों का मनोरंजक संग्रह संकलन-संपादन : राजेव तिवारी - चित्रांकन : हरविन्दर मांकड़ - Manoj Pocket Books.

एक आदमी तीन रूप1 Trois en un !
Traduction : Jyoti Garin
एक दिन दरबार में बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा — “कोई ऐसा आदमी दरबार में पेश करो जिसके तीन रूप हों2।”
“जी आलमपनाह3, कल प्रातः4 आपके हुक्म की तामील5 हो जाएगी।” बीरबल ने जवाब दिया।
अगले दिन बीरबल दरबार में एक आदमी को लेकर आया और उसे एक प्याला शराब पिला6 दी।
वह आदमी बोला — “हुज़ूर मुझे जाने दें7, मुझे क्यों पकड़कर लाया गया है ?”
“हुज़ूर यह इसका तोता रूप है।”
यह कहकर बीरबल ने एक प्याला शराब और8 दी, पीकर वह आदमी बोला — “हम9 दिल्ली के बादशाह हैं… तू10 कौन है, जो गद्दी11 पर बैठा है ?”
“हुज़ूर यह इसका शेर रूप है।” बीरबल ने कहा और उसके बाद उसे एक प्याला शराब और पिलाई। इतनी शराब पीने के बाद वह आदमी ठीक से खड़ा भी नहीं रह सका और गिर पड़ा।
तब बीरबल बोला — “हुज़ूर, यह इस आदमी का गधा रूप है।”
बीरबल की बुद्धिमत्ता पर प्रसन्न हुए बादशाह अकबर।
Un jour, l’empereur Akbar dit à Birbal à la cour : « Présentez-moi un homme qui a trois formes. »
« Oui, Protecteur de l’Univers, demain, à l’aube, votre ordre sera exécuté », répondit Birbal.
Le lendemain, Birbal emmena un homme et lui offrit à boire une coupe de vin.
L’homme dit : « Votre altesse, laissez-moi partir. Pourquoi m’a-t-on pris et emmené ici ?
« Votre altesse, voici sa forme perroquet. »
En disant cela, Birbal offrit une autre coupe de vin. La buvant, l’homme dit : « Nous sommes l’empereur de Delhi ; mais toi enfin qui es-tu, assis sur le trône ? »
« Votre altesse, voici sa forme lion », dit Birbal ; puis il lui fit boire une autre coupe de vin. Après avoir bu autant de vin, l’homme ne put rester debout, il chancela et tomba raide.
Alors Birbal dit, « Votre altesse, voici la forme âne de cet homme. »
L’empereur Akbar fut ravi de l’esprit de Birbal.
1 रूप rūpa n. figure, forme ; signe। apparence, extérieur, image ; couleur ; espèce। grâce, beauté।
2 Verbe être (होना — honā) au subjonctif
3 आलम पनाह — ālama panāha, univers-protection, celui qui protège l’univers, titre honorifique, mot d’origine ourdoue
4 प्रातर् — prātar [pra] adv. le matin ; de bonne heure, à l'aube, mot d’origine sanskrite
5 हुक्म की तामील — hukma kī tāmīla, exécution de l’ordre
6 Verbe पिलाना — pilānā, faire boire
7 Verbe जाने देना — jāne denā, laisser partir
8 Attention, ici le terme और — aura signifie autre/un deuxième (et non pas « et », son homophone)
9 L’équivalent du « nous » royal ou impérial
10 Tutoiement familier
11 Coussin, siège ou trône, ici