Proverbes

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मुहावरे अर्थ प्रयोग

1 अंत भला सो भला काम का परिणाम अच्छा हो तो बीते हुए कष्ट भूल जाते हैं राजीव ने अनेक बाधाओं का डट कर सामना किया और अंत में ऊँचे पद पर पँहुचा। सच ही कहा है - अंत भला सो भला !
2 अंधों में काना राजा मूर्खों में समझदार ऊन अनपढ़ों की मण्डली में वही एक आठवीं तक पढ़ा है इसलिये अंधों में काना राजा बना बैठा है।
3 अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता कठिन काम अकेले आदमी के वश का नहीं होता देश को स्वतंत्र कराने के लिये जब तक पूरा देश एकजुट नहीं हो गया अंग्रेज़ भारत छोड़ने को तैयार ही नहीं थे। ठीक ही कहा है - अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
4 अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत अवसर बीत जाने पर पछताने से कोई लाभ नहीं समय रहते खेतों के आस-पास बाड़ नहीं लगाई तो पशुओं के खेत चर जाने पर क्यों दुखी हो। कहा है कि अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत।

5 आगे कुँआ पीछे खाई चारों तरफ़ से मुसीबत का आना शिकारी कुत्तों से बचकर लोमड़ी आगे भागी तो सामने भेड़िया दिख गया। अब कहाँ जाए, आगे कुँआ पीछे खाई।
6 आम के आम गुठली के दाम / एक पंथ दो काज दोहरा लाभ ग़ुरुजी ने घर में ही संगीत की शिक्षा देनी शुरू की है, इससे शिष्य तो सीखते ही हैं, उनका अभ्यास भी चलता रहता है। इसे कहते हैं - आम के आम गुठली के दाम / एक पंथ दो काज।
7 आसमान से गिरा और खजूर पर आ अटका एक मुसीबत से निकलकर दूसरी में फँसना पत्नी की बीमारी में घर बिक गया, उधर नौकरी भी छुट गई। बेचारा आसमान से गिरा और खजूर पर आ अटका।